मैं क्या हूँ, मैं कैसा हूँ? कागज पर हूँ, जैसा हूँ.......
संजय विद्रोही नाम मैंने खुद रखा, कोई १५ बरस पहले...विद्रोह मेरे स्वभाव में है.समाज से विद्रोह, व्यवस्था से विद्रोह, खुद से विद्रोह. समाज ऒर परिवार के अनुभवों ने इस विद्रोह को धार दी है, निरन्तर......
ऒर इस प्रकार मैं एक हद दर्जे तक अन्तर्विरोधों से ग्रस्त अतिसंवेदनशील व्यक्ति हूँ.
घर वालों का दिया नाम संजय शर्मा चलते चलते डा. संजय शर्मा हो गया ऒर भीड में खो गया.....
जीविकोपार्जन के लिए एक कालेज में रसायन-शास्त्र पढाता हूँ , परिवार चला रहा हूँ....
पत्रकार बनना चाहता था,अध्यापक हो गया. कवि-सम्मेलनों में गजलें पढने लगा, तो पत्र- पत्रिकाऒं में कहानियाँ छपने लगी. जब महफिलों में शायर की तरह तार्रूफ होने लगा, तो रसायन-शास्त्र की दो पुस्तकें आ गई.कुछ एसा ही सिलसिला अब तक जारी है......
घर में एक प्यारी-सी बीवी है- प्रतिमा ऒर दो गॊलू- मोलू से बच्चे हैं- कुणाल ऒर क्रतिका, जिन को देखकर जीते रहने के बहाने मिलते रहते हैं......
"सब से अच्छा दुनिया भर में, मुझ को मेरा घर लगता है..."
मेरे दोस्त कम हैं, ' शुभचिन्तक' ज्यादा. ये शुभचिन्तक ही मेरे असली प्रेरणा-स्त्रोत हैं. मैं सदैव इन की लम्बी आयु की कामना करता हूँ. क्योंकि जब तक ये सकुशल हैं, तभी तक मैं आगे बढता रह सकता हूँ......
किसी ने क्या खूब कहा है-
मैं चाहता भी यही था, वो बेवफ़ा निकले
उसे समझने का कोई तो सिलसिला निकले....
बस एसे ही , लोगों को समझने की कोशिशों में जीवन बीता जा रहा है....'शुभचिन्तकों' के साथ.
......मेरा इतना-सा जीवन है.
प्रकाशित पुस्तकें:
1.गोदनामा(कहानियाँ); 2.बक्खड(कहानियाँ); 3.कभी यूँ भी तो हो(कहानियाँ); 4.राजस्थली(राजस्थानी कविताएँ); 5.Engineering Chemistry; 6.Practical Engineering Chemistry; 7. एक तन्हा सफर(गजलें)
पुस्तकें प्रकाशन को तत्पर:
1.जूण बीत ना जावै(राजस्थानी कविताएँ); 2. कतरा कतरा मैं(कहानियाँ); 3.Fundamentals of Chemistry & Bio-Chemistry
जाल- पत्रिकाओं में मैं:




2 comments:
मित्र!
आपका ब्लाग देखकर बहुत खुशी हुई। बस हिन्दी में न होने की कमी अखर रही है। हिन्दी में लिखने के लिये सहायता आप कई जगह से पा सकते हैं http://akshargram.com/sarvagya/index.php/How_to_Type_in_Hindi
आशा है आपकी अगली पोस्टिंग हिन्दी में ही होगी।
आप चिट्ठा विश्व पर भी अपना ब्लाग रजिस्टर करवा दें जिससे अन्य लोग भी आपका ब्लाग पढने का आनन्द ले सकें।
अनेक शुभकामनाओं के साथ
सारिका
कला और विज्ञान का काफी विद्रोही संगम मालूम पड्ता है।
http://www.hindiblogs.com/hindiblog/
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